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मुतखडा काय खावे व काय खाऊ नये

मुतखडा काय खावे व काय खाऊ नये, कीर्ति बोली तुझे क्या लगता है कि तू यदि मेरी शर्त नही मानता तो क्या मैं घर मे नही रुकती. मैं घर मे सिर्फ़ अपनी शर्तों की वजह से रुक रही हूँ. प्रिया बोली अरे इतना भड़क क्यो रहे हो. मैं तो सिर्फ़ मज़ाक कर रही थी. तुम्हे मेरा मज़ाक करना पसंद नही है तो, मैं अब कोई मज़ाक नही करूगी. अब बताओ क्या करना है.

कमल ने कुछ सोचा और फिर सारी बुक्स निकाल कर मेरे सामने रख दी. मैने उन मे से एक स्टोरी की बुक उठा ली. फिर वो बुक उसे देते हुए पूछा. मैं बोला चल ठीक है. अभी प्रिया आएगी तो मैं उसकी ये इच्छा पूरी कर दूँगा. अब तेरा बातें सुनना हो गया हो तो, अब तू फोन रख.

उसकी मुस्कुराती हुई तस्वीर को देख कर, उसके साथ बिताया गया, हर लम्हा मेरी आँखों के सामने से गुजरने लगा. उसके साथ बिताया गया हर पल मुझे तडपा रहा था. उसकी बातें मेरे कानो मे गूँज रही थी. उसकी हँसी मुझे पागल बना रही थी. मुतखडा काय खावे व काय खाऊ नये मैने घड़ी मे समय देखा तो अभी 12:15 बजे थे. मैने सोचा कीर्ति को अपने कमरे मे गये 1 घंटे से उपर हो गया है. कही वो सो तो नही गयी है. ये सोच कर मैने उसे कॉल करने की सोची और उसे कॉल लगा दिया. मगर कॉल करते ही मुझे ज़ोर का झटका लगा. क्योकि कीर्ति का कॉल बिज़ी जा रहा था.

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  1. इतना बोल कर निमी शरारत भरी मुस्कान से मुस्कुराने लगी. उधर कीर्ति ने देखा कि, अमि हर बात मे निमी का बचाव कर रही है तो, इस बार उसने अमि को ही चपेटते हुए कहा.
  2. कीर्ति बोली ठीक है, मगर इतना याद रखना कि, तुझे सारी बात आज ही बताना होगी. वरना इस बार मैं सच मे, तुझसे हमेशा के लिए बात करना बंद कर दूँगी. सनी लियोन सेक्सी एक्स एक्स वीडियो
  3. कीर्ति बोली वो तो मैने इस लिए बोल दिया था. क्योकि इसे मेरे सिवा कोई नही जानता. अब मुझे क्या मालूम था कि, वहाँ मैं इसका नाम लुगी और यहाँ इसका कॉल आने लगेगा. अजय बोला यार इतना तो मैं समझ सकता हूँ कि, ये किसकी कॉल आ रही थी. तुम्हे उस से एक बार, बात कर लेना चाहिए था. यदि तुमको मेरे सामने बात करने मे परेसानी है. तो मैं गाड़ी रोक देता हूँ. तुम किनारे जाकर, उस से बात कर लो.
  4. मुतखडा काय खावे व काय खाऊ नये...प्रिया की ये बात सुनकर मुझे याद आया कि, उसका मोबाइल तो मैं अपने साथ लेकर ही नही गया था और लौट कर आने के बाद, मैने उसे देखा भी नही था कि, उसमे प्रिया का कोई कॉल है या नही. ये बात याद आते ही मैने प्रिया से कहा. मैं बोला मेरी प्यारी गुड़िया रानी. ऐसे गुस्सा नही होते. वो भी तो मेरी बहन है ना. उसे मुझसे लड़ने, झगड़ने और मुझ पर गुस्सा करने का पूरा हक़ है. तुझे उसकी बस ये बात बुरी लगती है ना कि, वो मेरी बात का जबाब नही देती और हर बात मे अपनी अकड़ दिखाती है. तो सुन, अब से ऐसा नही होगा.
  5. मैने मेसेज पढ़ा और कीर्ति को सेंड किया और फिर वापस मोबाइल निक्की को दे दिया. थोड़ी देर बाद उसने फिर एक मेसेज टाइप करके मुझे दिया. मेरा मन किया की उस से कह दूं कि, ऐसा नही हो सकता. लेकिन फिर मुझे लगा कि, यदि मैने ऐसा किया तो, ये फिर उसी बात को पकड़ कर मेरा रास्ता रोके रहेगी. इस से अच्छा यही होगा कि, जैसा ये कह रही है. अभी मैं वैसा कहता जाउ. बाद की बाद मे देखुगा. यही सब सोच कर मैने कहा.

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जब हम घर पहुचे तो, वहाँ पापा भी थे. बाद मे निक्की से पता चला कि, रिया और दादा जी के कहने पर, पापा ने आज ही होटेल छोड़ दिया है और आज की रात वो हमारे साथ ही रहेगे.

लड़के लड़की दोनो बैठे बैठे एक दूसरे को गले लगाए हुए थे. दोनो दीवानो की तरह एक दूसरे के शरीर को मसल रहे थे और किस कर रहे थे. फिर लड़के ने कुछ बोला तो, लड़की ने अपनी टॉप को गले तक उपर कर दिया. वो ब्रा नही पहने थी इसलिए उसके तने हुए स्तन बाहर निकल आए. वो सारे रास्ते चुप ही रही. मैने कॉफी हाउस के सामने बाइक रोकी तो, कीर्ति बाइक से उतर कर, बिना कुछ कहे अंदर चली गयी. बाइक खड़ी करने के बाद मैं भी अंदर आ गया और कीर्ति को यहाँ वहाँ देखने लगा.

मुतखडा काय खावे व काय खाऊ नये,लेकिन मेरी ये कोसिस भी नाकामयाब रही. अजय ने मुझे देख लिया था. वो मेरे पास चला आया. मगर जब उसकी नज़र मेरे चेहरे पर पड़ी तो, थोड़ी देर के लिए वो भी सहम गया. उसने बस मुझसे इतना पुछा.

मैं और निक्की प्रिया की इस हरकत को बड़े गौर से देख रहे थे. लेकिन वो इन सब बातों से बेख़बर, मेरे कंधे पर सर रख कर, आँख बंद किए, मंद मंद मुस्कुरा रही थी और किसी दूसरी ही दुनिया मे खो गयी थी.

मेरा इतना कहना था कि, निमी फ़ौरन अपनी जगह से खड़ी हो गयी. उसे डर था कि कहीं अमि अपनी चीज़ पहले मुझे ना दिखा दे. इसलिए वो मेरे पास आई और अपने हाथ मे पकड़ा हुआ, मनी बॅंक मेरे सामने रख दिया.सेक्सी फिल्म वीडियो बताएं

मैं बोला ये तो ग़लत बात है बेटू. तुम लोगों को ऐसा नही करना चाहिए था. उसे मोबाइल के बिना कितनी परेशानी हो रही होगी. कीर्ति बोली कैसी पागल जैसी बात करता है. मुझे बहुत खुशी हुई तेरे अच्छे होने से. मैं तो उदास इसलिए हूँ क्योंकि कल मुझे वापस घर जाना है.

लेकिन फिर मैं खुद की ही सोच पर ही हंस देता हूँ कि, मैं ये क्या बेकार की बातें सोच रहा हूँ. मैं अपनी इस सोच को झटक कर कीर्ति की तरफ देखता हूँ. वो शायद अब सो चुकी थी और नींद मे किसी मासूम बच्चे की तरह लग रही थी.

मैं बोला हाँ अंकल, आप सही बोल रहे है. सच मे राज और उसके परिवार के सभी लोग बहुत अच्छे है. सब हमारा बहुत ख़याल रखते है. लेकिन मैने राज के पापा को कभी आपके पास आते नही देखा.,मुतखडा काय खावे व काय खाऊ नये टॅक्सी वाला बोला हाँ किया है बाबू साहब, पर ये प्यार व्यार हम जैसे ग़रीब लोगों के नसीब मे नही होता. समझ मे नही आता, जब हमारे नसीब मे उस उपर वाले ने प्यार लिखा ही नही है तो, फिर हम लोगों को प्यार भरा दिल क्यों दे दिया.

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