1 इंच में कितने सूत होते हैं

వదిన మరిది కథలు

వదిన మరిది కథలు, साफ़ था की भौजी मेरी जलन समझ चुकीं थीं ....और मैं सोच रहा था की कल तो उन्होंने बताया था की वो मेरे अलावा किसी और से प्यार नहीं करतीं? अब तो वो आग में घी डाल-डाल के मुझे जला रहीं थीं| चेतन के होंठ दोबारा से अपनी बहन के निप्पल को चूसने लगे और उसके हाथ की उंगली शायद उसकी चूत से खेल रही थी। शायद उसकी चूत के सुराख पर भी क़ब्ज़ा जमा चुकी थी.. क्योंकि डॉली के हाथ की गिरफ्त मेरे हाथ पर सख़्त होती जा रही थी।

कितनी अजीब बात थी कि एक भाई भी अपनी सग़ी छोटी बहन की नंगी टाँग को ऐसी प्यासी नज़रों से देख रहा था.. जैसे कि वो उसकी बहन ना हो.. बल्कि कोई गैर लड़की हो! मैं- वाह जी वाह.. तू अपने भैया से चुदवाती रहे और मैं तुम से ऐसी बात भी ना करूँ.. यह कैसे हो सकता है मेरी जान.. अब तो तेरी यह प्यारी सी चूत हम दोनों की हो गई है। मेरी भी और तेरे भैया की भी..।

अम्मी के नीचे से निकलते ही मैंने अम्मी को अपनी तरफ खींचा और सीधा लिटा दिया और अपना लण्ड घुसाकर अपनी अम्मी की चुदाई करने लगा। तब सफदर अंकल ने अपना लण्ड अम्मी के मुँह में घुसा दिया और बड़ी बेदर्दी से अपना लण्ड अम्मी के मुँह में अंदर-बाहर करने लगे। వదిన మరిది కథలు मैं: आप इतना यकीन से कैसे कह सकते हो की लड़का ही होगा? और मुझे तो आश्चर्य इस बात का है की आप एक औरत हो के इस तरह कह रहे हो|

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  1. मैं: अम्मा... ये बात आप उन्हें मत कहना...उनका दिल टूट जायेगा...मैं ही उनको कल बताऊँगा! अगर उनका दिल टूटना ही है तो मेरे ही करना टूटे तो बेहतर होगा|
  2. डॉली अपना सीना तान कर अपनी चूचियों को बाहर को निकालते हुए बोली- देख लो.. कितनी बड़ी हो गई हूँ मैं और सुबह भी तो आपने देखा ही था ना.. कौन सा मैं कोई बच्ची जैसी हूँ? सेक्सी छोटी लड़कियों की
  3. मैं: क्यों आपने उस बेचारी की क्लास लगा दी| वैसे मैंने आपको आज से पहले कभी भी इतना गुस्से में नहीं देखा| सौरभ- दीदी शांत हो जाओ अब मुझे क्या पता था कि ऐसा कुछ हो जाएगा अब गुस्सा मत करो और फिर घर तो चलना ही है ना और आपको कॉन सा इसे घसीटना है
  4. వదిన మరిది కథలు...माँ: देखा आपने...जब भी मैं पैसे आधे-आधे करती थी तो सबसे ज्यादा आपको ही तकलीफ होती थी| आज मेरी सूझबूझ काम आ ही गई| अनिल: Sorry दीदी...ये मेरा और दिषु भैया का प्लान था| जीजू ने मन किया था पर हमारे जोर देने पे वो हमारे साथ Bachelor's पार्टी के लिए गए थे| पर उन्होंने एक बूँद भी शराब नहीं पी! उनकी कोई गलती नहीं!
  5. बस मेरा इतना कहना था की भौजी मुझसे लिपट गईं और रोने लगीं| मैं उनकी पीठ सहलाते हुए उन्हें चुप कराने लगा| अब रोना तो मुझसे भी कंट्रोल नहीं हुआ पर किसी तरह पहले उन्हें चुप कराया और उनके माथे को चूमा| उनके आँसूं पोछे और उन्होंने मेरे आँसूं पोछे...फिर हम दोनों ने अपने सर एक दूसरे से भिड़ा दिया; मैंने नींद में होने की एक्टिंग ही करते हुए दूसरी तरफ करवट ली और बोली- सो जा यार.. क्यों मेरी भी नींद खराब कर रही हो।

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मैंने डॉली को 3-4 लैगीज उसकी साइज़ की ला दी थीं.. जिनमें से एक स्किन कलर की थी.. एक ब्लैक एक रेड और एक वाइट थी।

डॉली ने अपने दोनों होंठों के दरम्यान अपने भाई के लंड के टॉप को पकड़ा और आहिस्ता से दोनों होंठों को बंद करके उसे चुम्बन कर लिया। मुझे चूमते हुए और मेरी कमर और मेरी गाण्ड पर हाथ फेरते हुए चेतन मेरे कान में आहिस्ता से बोला- डॉली जाग जाएगी।

వదిన మరిది కథలు,डॉक्टर: Usually I don’t do this but since you’ve asked me so politely I’ll give you the medicine. (मैं आम तौर पे ऐसा नहीं करता पर चुकी तुमने बड़े प्यार से कहा है तो इसलिए मैं दवाई दे देता हूँ|)

मैं: तो मैं अपनी अंतरात्मा को क्या जवाब दूँ? प्लीज मुझे ऐसी हालत में मत डालो की ना तो मैं जी सकूँ और ना मर सकूँ|

मैंने खुद को आइने में देखा तो सच में मेरा गला काफ़ी खुला हुआ था और मेरी चूचियों भी गहराई तक नज़र आ रही थीं.. बनियान भी कुछ पतली कॉटन की थी.. जिसकी वजह से मेरे निप्पलों की जगह पर डार्क-डार्क हिस्सा दिख रहा था। इससे साफ़ पता चल रहा था कि मेरे निप्पल इस जगह पर हैं।इंग्लिश बीएफ सील पैक

मैं: मैंने देखा है की घर में कोई भी रसिका भाभी पर ध्यान नहीं देता| वो देर तक सोती रहती हैं ... काम में हाथ नहीं बटाती... सुस्त हैं... और तो और उनका लड़का वरुण, उसे तो ननिहाल भेजे इतना समय हो गया| मैं जब आया था उसके अगले दिन वो ननिहाल चला गया था और उसी दिन गट्टू भी लुधियाना चला गया? डॉली मुस्कुराते और शरमाते हुई उठी और कमरे की तरफ बढ़ी.. तो मैं जल्दी से बिस्तर पर लेट गई और सोती बन गई।

पिताजी: बेटा तू चिंता ना कर ...सब ठीक हो जायेगा| मेरी गैरहाजरी में तुझे सारा काम सम्भालना पड़ेगा| चन्दर भैया का भी...!!!

चेतन ने अपनी बहन की दोनों छोटी-छोटी चूचियों के दरम्यान अपने लंड को दबाया और फिर आगे-पीछे को करते हुए अपना लंड उसकी चूचियों के दरम्यान रगड़ने लगा। आगे को जाता तो उसका लंड डॉली की ठोड़ी को टकराता था और उसकी गोटियाँ नीचे अपनी बहन के पेट पर रगड़ खा रही थीं।,వదిన మరిది కథలు उसकी टाँगों का हर एक कर्व उसमें बहुत ही प्यारा और अट्रॅक्टिव लग रहा था। डॉली मुझसे दूर अपनी नजरें झुका कर खड़ी हुई थी और उसके चेहरे पर एक शर्मीली सी मुस्कान थी।

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